Top 5 most asked Electrical Questions
प्रश्न 1- ट्रांसफार्मर का क्या काम होता है?
उत्तर - यह सप्लाई वोल्टेज/इनकमिंग वोल्टेज को आवश्यकता अनुसार output वोल्टेज पर कम या ज्यादा करता है. ट्रांसफार्मर के 2 प्रकार होते हैं.
i. Step Up ट्रांसफार्मर - यह इनकमिंग में आने वाली सप्लाई वोल्टेज को बढाकर आउटपुट में ज्यादा वोल्टेज की सप्लाई देता है. पावर जनरेशन सब स्टेशन /जहाँ से विद्युत उत्पादन होता है, पर step up ट्रांसफार्मर लगा होता है.
ii. Step Down ट्रांसफार्मर -यह ट्रांसफार्मर ज्यादा वोल्टेज की सप्लाई को कम वोल्टेज में बदलकर आउटपुट में देता है. डिस्ट्रीब्यूशन में इसी ट्रांसफार्मर का प्रयोग होता है.
हम अपने दैनिक जीवन में भी इसी ट्रांसफार्मर को देखते हैं. प्रायः 11 Kilo Volt की सप्लाई को 440 Volt में बदलने वाले step down ट्रांसफार्मर हम अपने आस पास सब स्टेशन पर देखते हैं.
प्रश्न 2-किस यन्त्र की सहायता से इंसुलैशन की value check की जाती है?
उत्तर - इंसुलेशन टेस्टिंग के प्रयोग में आने वाले उपकरण को megger अथवा इंसुलेशन टेस्टर नाम से जानते हैं. इसे इंसुलेशन resistance के रूप में व्यक्त करते हैं. इसकी यूनिट mega ohm है.
प्रश्न 3- Earth resistance क्या है? घरों में होने वाली वायरिंग के लिए earth resistance कितना permissible/allowed है?
प्रश्न -4- ओम का क्या नियम है?
उत्तर -ओम के नियम के अनुसार यदि किसी चालक/ conductor की भौतिक अवस्थायें जैसे ताप , दाब,आयतन , लम्बाई एवं क्षेत्रफल आदि ना बदले तो चालक सिरों पर आरोपित विभवांतर तथा इसमें बहने वाली विद्युत धारा का अनुपात नियत/constant रहता है।
अतः V α I
V=IR, जहाँ पर R एक समानुपाती नियतांक/Constant है. इसे ही चालक का प्रतिरोध/ Resistence कहते हैं। प्रतिरोध /resistence का S.I. मात्रक ओम(Ohm )है. जिसे Ω से दर्शाते हैं।
प्रश्न -5 -ट्रांसफार्मर में मुख्यतः कौन कौन से losses होते हैं?
उत्तर -Transformer में मुख्यतः २ प्रकार के losses होते हैं -
i . Core loss.- यह भी २ प्रकार का होता है।
a . Hysteresis Loss -यह loss ट्रांसफॉर्मर के Core में होता है। इस loss को काम करने के लिए ट्रांसफार्मर कोर ऐसे material की चुनते हैं जिसमें BH loop बहुत छोटा होता हो अर्थात मटेरियल की permeability अच्छी होनी चाहिए। Transformer की Core,CRGO(Cold Rolled Grain Oriented)steel की बनी होती है।
b. Eddy Current Loss - ट्रांसफार्मर में AC धारा/current प्रवाहित होने पर ट्रांसफार्मर core में भी Circulating current बहने लगती है जो कि पानी में उत्पन्न भँवर की भांति प्रतीत होती हैं। यह भँवर धारायें ट्रांसफार्मर core को गरम कर देती हैं। Eddy Current Loss को कम करने के लिए Laminated core का प्रयोग किया जाता है। क्यूंकि यह दोनों ही loss ट्रांसफार्मर की core में हैं। इसीलिए इन्हें Iron Loss भी कहते हैं।
ii .Copper Loss -यह loss ट्रांसफार्मर की winding में होता है। क्योंकि यह loss ट्रांसफार्मर की copper winding में होता है। अतः इसे Copper Loss कहते हैं।
प्रश्न 1- ट्रांसफार्मर का क्या काम होता है?
उत्तर - यह सप्लाई वोल्टेज/इनकमिंग वोल्टेज को आवश्यकता अनुसार output वोल्टेज पर कम या ज्यादा करता है. ट्रांसफार्मर के 2 प्रकार होते हैं.
i. Step Up ट्रांसफार्मर - यह इनकमिंग में आने वाली सप्लाई वोल्टेज को बढाकर आउटपुट में ज्यादा वोल्टेज की सप्लाई देता है. पावर जनरेशन सब स्टेशन /जहाँ से विद्युत उत्पादन होता है, पर step up ट्रांसफार्मर लगा होता है.
ii. Step Down ट्रांसफार्मर -यह ट्रांसफार्मर ज्यादा वोल्टेज की सप्लाई को कम वोल्टेज में बदलकर आउटपुट में देता है. डिस्ट्रीब्यूशन में इसी ट्रांसफार्मर का प्रयोग होता है.
हम अपने दैनिक जीवन में भी इसी ट्रांसफार्मर को देखते हैं. प्रायः 11 Kilo Volt की सप्लाई को 440 Volt में बदलने वाले step down ट्रांसफार्मर हम अपने आस पास सब स्टेशन पर देखते हैं.
प्रश्न 2-किस यन्त्र की सहायता से इंसुलैशन की value check की जाती है?
उत्तर - इंसुलेशन टेस्टिंग के प्रयोग में आने वाले उपकरण को megger अथवा इंसुलेशन टेस्टर नाम से जानते हैं. इसे इंसुलेशन resistance के रूप में व्यक्त करते हैं. इसकी यूनिट mega ohm है.
प्रश्न 3- Earth resistance क्या है? घरों में होने वाली वायरिंग के लिए earth resistance कितना permissible/allowed है?
उत्तर -विद्युत से खतरे को कम करने के लिए सुरक्षा कारणों से घरों में अर्थिंग होना अत्यन्त आवश्यक है. इसे earth resistance के रूप में व्यक्त करते हैं, इसका मात्रक ओम है. आदर्श earth resistance शून्य होना चाहिए. घरों में earth resitance कभी भी 10 ओम से अधिक नहीं होना चाहिए.
प्रश्न -4- ओम का क्या नियम है?
उत्तर -ओम के नियम के अनुसार यदि किसी चालक/ conductor की भौतिक अवस्थायें जैसे ताप , दाब,आयतन , लम्बाई एवं क्षेत्रफल आदि ना बदले तो चालक सिरों पर आरोपित विभवांतर तथा इसमें बहने वाली विद्युत धारा का अनुपात नियत/constant रहता है।
अतः V α I
V=IR, जहाँ पर R एक समानुपाती नियतांक/Constant है. इसे ही चालक का प्रतिरोध/ Resistence कहते हैं। प्रतिरोध /resistence का S.I. मात्रक ओम(Ohm )है. जिसे Ω से दर्शाते हैं।
प्रश्न -5 -ट्रांसफार्मर में मुख्यतः कौन कौन से losses होते हैं?
उत्तर -Transformer में मुख्यतः २ प्रकार के losses होते हैं -
i . Core loss.- यह भी २ प्रकार का होता है।
a . Hysteresis Loss -यह loss ट्रांसफॉर्मर के Core में होता है। इस loss को काम करने के लिए ट्रांसफार्मर कोर ऐसे material की चुनते हैं जिसमें BH loop बहुत छोटा होता हो अर्थात मटेरियल की permeability अच्छी होनी चाहिए। Transformer की Core,CRGO(Cold Rolled Grain Oriented)steel की बनी होती है।
b. Eddy Current Loss - ट्रांसफार्मर में AC धारा/current प्रवाहित होने पर ट्रांसफार्मर core में भी Circulating current बहने लगती है जो कि पानी में उत्पन्न भँवर की भांति प्रतीत होती हैं। यह भँवर धारायें ट्रांसफार्मर core को गरम कर देती हैं। Eddy Current Loss को कम करने के लिए Laminated core का प्रयोग किया जाता है। क्यूंकि यह दोनों ही loss ट्रांसफार्मर की core में हैं। इसीलिए इन्हें Iron Loss भी कहते हैं।
ii .Copper Loss -यह loss ट्रांसफार्मर की winding में होता है। क्योंकि यह loss ट्रांसफार्मर की copper winding में होता है। अतः इसे Copper Loss कहते हैं।
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